Illinois Hindu temple: अमेरिका में एक हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कथित साजिश को लेकर कांग्रेस के 105 सदस्य FBI से इसकी जांच हेट क्राइम के तौर पर करने की मांग कर रहे हैं. सांसदों ने FBI से पूछा है कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
Illinois Hindu temple: अमेरिका में एक हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कथित साजिश को लेकर कांग्रेस के 105 सदस्य FBI से इसकी जांच हेट क्राइम के तौर पर करने की मांग कर रहे हैं. सांसदों ने FBI से पूछा है कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
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105 US lawmakers come out in support of Hindu temple
Illinois Hindu temple: अमेरिका में एक हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कथित साजिश ने धार्मिक सुरक्षा और नस्लीय नफरत को लेकर नई बहस छेड़ दी है. मामला इतना गंभीर है कि अमेरिकी कांग्रेस के 105 सदस्य FBI से इसकी जांच हेट क्राइम के तौर पर करने की मांग कर रहे हैं. खास बात यह है कि जिस वक्त मंदिर को निशाना बनाने की कथित कोशिश हुई, भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति भी अपने परिवार के साथ वहां मौजूद थे. अब सांसदों ने FBI से पूछा है कि क्या इस साजिश के पीछे हिंदुओं और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत की सोच थी और ऐसे हमलों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
बता दें कि अमेरिका के इलिनोइस में एक हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कथित साजिश का मामला अब अमेरिकी संसद तक पहुंच गया है. भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में कांग्रेस के 105 सदस्यों ने FBI से इस मामले की संभावित हेट क्राइम यानी नस्लीय या धार्मिक नफरत से जुड़े अपराध के तौर पर जांच करने की मांग की है. सांसदों ने FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर यह भी पूछा है कि भारतीय, हिंदू और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों को निशाना बनाने वाली ऑनलाइन धमकियों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.
हिंदू मंदिर के बाहर गोली चलाने की कोशिश का आरोप
यह मामला इलिनोइस के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) हिंदू मंदिर का है. 11 अक्टूबर को मंदिर में गोलीबारी की कथित कोशिश हुई थी. संयोग से, सांसद राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार भी उस समय मंदिर में पूजा कर रहे थे. कानूनी पक्ष के अनुसार, 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोराकिस ने मंदिर के बाहर एक व्यक्ति पर गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन उसकी राइफल जाम हो गई. इसके बाद वह वहां से भाग गया. आरोप है कि उसने बाद में वापस लौटने की योजना बनाई थी. हालांकि, उसके एक सहयोगी ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी, जिसके बाद उसे उसी दिन गिरफ्तार कर लिया गया.
क्या क्या बरामद हुआ था?
जांचकर्ताओं को आरोपी के पास से एक राइफल, सैकड़ों कारतूस, शरीर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाला कवच और नस्लीय श्रेष्ठता से जुड़ी सामग्री मिली. वकीलों का आरोप है कि आरोपी ने आठ पन्नों का एक घोषणापत्र भी लिखा था, जिसमें श्वेत लोगों को श्रेष्ठ बताने वाली विचारधारा का समर्थन किया गया था. इसमें हिंदू पूजा स्थल पर भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा की बात भी शामिल थी.
105 सांसदों ने FBI से क्या मांग की?
राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में 105 सांसदों ने FBI से इस मामले में संभावित नस्लीय और धार्मिक नफरत की भूमिका की गंभीरता से जांच करने की अपील की है. पत्र में कहा गया है कि नस्लीय नफरत, धार्मिक स्थल को निशाना बनाने और बड़े पैमाने पर हिंसा की तैयारी के आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. सांसदों ने स्थानीय जांचकर्ताओं की मदद करने के लिए FBI की सराहना भी की. हालांकि, उन्होंने यह सुनिश्चित करने की मांग की कि जांच में संभावित हेट क्राइम से जुड़े अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जाए.
दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत पर चिंता
सांसदों ने अमेरिका में भारतीय और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत बढ़ने पर भी चिंता जताई है. सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत भरी 5.42 लाख से ज्यादा पोस्ट की पहचान की गई. रिपोर्ट में जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ऐसे पोस्ट की मासिक संख्या में करीब 240 प्रतिशत की वृद्धि का भी जिक्र किया गया.
कार्नेगी एंडोमेंट के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 2025 की शुरुआत से 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी लोगों को अपने समुदाय को निशाना बनाने वाली नस्लभेदी पोस्ट अक्सर या कभी-कभी देखने को मिलीं. वहीं, हर चार में से एक व्यक्ति ने बताया कि उसे गाली या अपमानजनक टिप्पणी का सामना करना पड़ा.
