बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जिला अधिकारियों को राज्य-स्तरीय सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से जन शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समय पर समाधान करने का निर्देश दिया। इस पहल में कई विभाग शामिल हैं और इसमें मार्च 2027 तक ग्रामीण और शहरी सुविधाओं में मरम्मत और सुधार करने की प्रतिबद्धता शामिल है, जिससे जनता का विश्वास मजबूत होगा।
By Oneindia Staff
Published: Tuesday, October 13, 2026, 18:01 [IST]
पटना, 13 अक्टूबर 2026: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम हॉल में आयोजित सहयोग कार्यक्रम में आम लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में कुल 101 आवेदक उपस्थित हुए, जिनके मामलों का निष्पादन किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों का निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके और उनका विश्वास बना रहे।
कार्यक्रम के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों से आए आवेदकों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। इनमें राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा, गृह, ग्रामीण कार्य, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, नगर विकास एवं आवास तथा ऊर्जा विभाग सहित कई विभागों से जुड़े मामले शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित विभागों और जिलाधिकारियों ने आवेदकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। कुछ आवेदक समाधान का भरोसा मिलने के बाद संतुष्ट नजर आए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सहयोग कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों की शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान कर उन्हें संतुष्ट करना है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आवेदन के निष्पादन में पूरा सहयोग देने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लोगों की समस्याओं का समाधान करना और उन्हें न्याय दिलाना सरकार तथा प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संबंधित विभाग शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया लगातार जारी रखें, ताकि आम लोगों को समय पर राहत मिल सके।
कार्यक्रम में अपनी समस्याओं का समाधान पाने वाले आवेदकों ने सहयोग कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि कई दिनों से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान होने से आम लोगों को काफी सहूलियत मिल रही है। आवेदकों ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
31 मार्च 2027 तक ग्रामीण क्षेत्रों में मरम्मत और साफ-सफाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भवनों, अस्पतालों, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और छूटे हुए टोलों की सड़कों की मरम्मत, रखरखाव तथा साफ-सफाई का कार्य 31 मार्च 2027 से पहले पूरा कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में रंग-रोगन, चहारदीवारी की मरम्मत, शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा जरूरत के अनुसार अतिरिक्त कक्षाओं और भवनविहीन विद्यालयों में भवन निर्माण का कार्य भी कराया जाए। मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की शिकायत का पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मिल रही राहत और प्रशासन के प्रति बढ़ते विश्वास को बनाए रखना जरूरी है। कार्यक्रम में संबंधित विभागों के मंत्री, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह और संजय कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव तथा आवेदक उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी जुड़े।
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