August 3, 2026

अशोक धाम मंदिर में पहुंचे 10000 श्रद्धालु: लखीसराय में सावन की पहली सोमवारी, 600 पुलिस अधिकारी मौजूद - Lakhisarai News

लखीसराय जिले के प्रसिद्ध बाबा अशोक धाम मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

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इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम तरीके से जलाभिषेक कराने के लिए हर स्तर पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

मंदिर परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में करीब 400 पुलिसकर्मियों और लगभग 200 दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

प्रमुख संपर्क मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए

इसके अतिरिक्त, विभिन्न स्थानों पर विशेष निगरानी दल भी तैनात किए गए हैं, जो भीड़ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेंगे। अधिकारियों को किसी भी अव्यवस्था या आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। भीड़ का दबाव नियंत्रित करने हेतु प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

जलाभिषेक और दर्शन के लिए कतारबद्ध व्यवस्था बनाई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को बिना परेशानी के पूजा-अर्चना का अवसर मिल सके।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और प्रमुख संपर्क मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी।

पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब

कंट्रोल रूम से सभी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाएगा।

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्गों का पालन करने, सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का अनुपालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन को उम्मीद है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से सावन की पहली सोमवारी का आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होगा।

लखीसराय के प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर में सावन की पहली सोमवारी पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह मंदिर के पट खुलते ही भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लग गईं, जो दिनभर बढ़ती रहीं।

जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए

पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' के जयघोष और शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। महिला, पुरुष, बच्चे और बड़ी संख्या में कांवरियों ने विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।

सावन माह में भगवान शिव पर जल अर्पित करने की परंपरा सदियों पुरानी है। विशेष रूप से सोमवार के दिन जलाभिषेक को अत्यंत शुभ माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा-अर्चना करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी करते हैं।

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जगह-जगह दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी।

अशोक धाम की धार्मिक मान्यता दूर-दूर तक

साथ ही बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे मंदिर परिसर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जा रही थी तथा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे।

बिहार के 'बाबा धाम' के नाम से विख्यात अशोक धाम की धार्मिक मान्यता दूर-दूर तक फैली हुई है। मान्यता है कि सावन माह में यहां भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने बताया कि भगवान शिव की आराधना से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। पहली सोमवारी पर उमड़ी अपार श्रद्धा और भक्ति ने अशोक धाम की धार्मिक महत्ता को एक बार फिर जीवंत कर दिया।