July 27, 2026

1000 करोड़ की धोखाधड़ी का मामला; महेंद्र गोयनका की जमानत पर मंगलवार को कोलकाता में होगी सुनवाई| Navbharat Live

Updated On: Jul 27, 2026 | 08:10 PM IST

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सार

Mahendra Goenka In Custody: 1000 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में आज बड़ा दिन, दिल्ली से पकड़े गए कारोबारी महेंद्र गोयनका की जमानत याचिका पर कोलकाता कोर्ट में सुनवाई, पत्नी और भाई समेत 6 आरोपी अब भी फरार।

Mahendra Goenka has been arrested from Delhi in connection with the alleged ₹1,000 crore fraud case linked to companies associated with the Sanjay Pathak family

महेंद्र गोयनका (सोर्स- सोशल मीडिया)

विस्तार

Mahendra Goenka Fraud Case: करीब ₹1000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और कंपनियों पर अवैध कब्जे के हाई-प्रोफाइल मामले में मंगलवार को अहम सुनवाई होने जा रही है। दिल्ली से गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी और रायपुर निवासी कारोबारी महेंद्र गोयनका की जमानत याचिका पर कोलकाता की अदालत में सुनवाई होगी।

गिरफ्तारी के बाद अदालत ने महेंद्र गोयनका को पूछताछ के लिए 10 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेजा था। अब रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस उन्हें अदालत में पेश करेगी, जहां जमानत आवेदन पर सुनवाई होगी। इस मामले पर कारोबारी जगत और जांच एजेंसियों की नजरें टिकी हुई हैं।

पत्नी और भाई समेत कुल 7 आरोपी नामजद

जांच में सामने आया है कि यह कथित वित्तीय घोटाला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में महेंद्र गोयनका के अलावा उनकी पत्नी, भाई समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। हालांकि अब तक पुलिस मुख्य आरोपी महेंद्र गोयनका को ही गिरफ्तार कर सकी है, जबकि उनकी पत्नी, भाई और अन्य चार आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश

कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर उनकी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फर्जी दस्तावेजों से कंपनियों पर कब्जे का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर जाली दस्तावेजों और फर्जी हस्ताक्षरों का इस्तेमाल कर यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड समेत कई कंपनियों पर अवैध नियंत्रण हासिल करने की साजिश रची। आरोप है कि कंपनियों की संपत्तियों और माल की बिक्री के जरिए बड़े पैमाने पर गबन करने की कोशिश की गई।

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मामले में आरोपी पक्ष द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिकाएं पहले ही सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी हैं। अब मंगलवार को कोलकाता की अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि मुख्य आरोपी महेंद्र गोयनका को जमानत मिलती है या फिर उनकी पुलिस या न्यायिक हिरासत आगे बढ़ाई जाती है।

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