10 या अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में ICC गठन अनिवार्य, महिला एवं बाल विकास विभाग के निर्देश
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सार
Women Safety Law: अमरावती महिला एवं बाल विकास विभाग ने 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले सभी सरकारी और निजी संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) का गठन अनिवार्य किया है।

POSH Act (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
विस्तार
Amravati ICC Formation: कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम और शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों को आंतरिक शिकायत निवारण समिति का गठन अनिवार्य रूप से करने के निर्देश जारी किए हैं। जिन संस्थानों में 10 या उससे अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें तत्काल समिति गठित कर उसका पंजीकरण SHeBox पोर्टल पर कराने को कहा गया है।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी संजय गट ने बताया कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम2013 के तहत सभी सरकारी कार्यालयों, स्थानीय निकायों, निजी कंपनियों, कारखानों, अस्पतालों, स्कूलों, महाविद्यालयों, होटलों, बैंकों, दुकानों तथा अन्य संस्थानों में आईसीसी का गठन करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय भी स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है।
नियम तोड़ने पर 50 हजार जुर्माना
बताया गया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थान प्रमुख अथवा मालिक पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए सभी संस्थान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए जांच के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि समिति के गठन के बाद वर्ष 202526 की वार्षिक रिपोर्ट जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी कार्यालय, अमरावती में जमा कराई जाए।
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ICC गठन नहीं करने पर लगेगा 50 हजार तक जुर्माना
इसके साथ ही मासिक एवं त्रैमासिक प्रतिवेदन भी समय पर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी सरकारी एवं निजी संस्थानों से अपील की है कि वे शीघ्र ही आसीसी का गठन कर उसका पंजीकरण शीबॉक्स पोर्टल पर कराएं, ताकि कार्यस्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जा सके।
