September 16, 2026

पानीपत के सनब्रीज बिल्डर्स को देना होगा 10.80% सालाना ब्याज: खरीदार को समय पर नहीं मिला कब्जा; HRERA ने 90 दिन का समय दिया - Panipat News

पानीपत4 घंटे पहले

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पानीपत के सेक्टर-40 स्थित शुभांगन। - Dainik Bhaskar

पानीपत के सेक्टर-40 स्थित शुभांगन।

हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (HRERA) ने पानीपत के सेक्टर-40 स्थित शुभांगन प्रोजेक्ट के डेवलपर मेसर्स सनब्रीज बिल्डर्स एंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खरीदार को समय पर कब्जा न देने का दोषी पाया है।

अथॉरिटी की सदस्य डॉ. गीता राठी सिंह की पीठ ने फैसला सुनाते हुए बिल्डर को निर्देश दिया है कि वह आवंटी को 14 जुलाई 2024 (तय तिथि) से लेकर वास्तविक कब्जा मिलने तक 10.80% (MCLR + 2%) वार्षिक ब्याज दर से हर महीने विलंब ब्याज का भुगतान करे।

जानें पूरा मामला…

जानकारी के अनुसार, पानीपत निवासी महावीर सिंह और वजीर सिंह ने 10 फरवरी 2021 को शुभांगन प्रोजेक्ट में यूनिट नंबर-12 (अपर ग्राउंड फ्लोर) बुक कराई थी। आवंटियों ने कुल बिक्री मूल्य 37.75 लाख रुपए में से 36 लाख रुपए से अधिक (करीब 94% राशि) बिल्डर को जमा कर दिए थे।

आरोप है कि 94% राशि वसूलने के बावजूद बिल्डर ने न तो बिल्डर-बायर एग्रीमेंट निष्पादित किया और न ही तय समय (फरवरी 2024 तक) में कब्जा दिया। इसके अलावा EDC चार्ज भी अवैध रूप से बढ़ाकर मांगा गया। बिल्डर ने तर्क दिया कि खरीदार ने निवेश के उद्देश्य से प्रॉपर्टी खरीदी थी और एग्रीमेंट साइन करने में खुद देरी की।

हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी कार्यालय, पंचकूला।

हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी कार्यालय, पंचकूला।

HRERA के मुख्य निष्कर्ष और आदेश

अथॉरिटी ने बिल्डर के तर्क को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि HRERA कानून में इन्वेस्टर और एंड यूजर में कोई अंतर नहीं है। एक बार अलॉटमेंट लेटर जारी होने के बाद खरीदार RERA के तहत पूरी सुरक्षा का हकदार है। चूंकि बिल्डर-बायर एग्रीमेंट नहीं हुआ था, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अलॉटमेंट तिथि (15 जुलाई 2021) से 3 साल (14 जुलाई 2024) को ही कब्जे की अंतिम तिथि माना गया।

ब्याज भुगतान का निर्देश

बिल्डर को जमा कराई गई 36.00 लाख रुपए की राशि पर ₹28,31,010 का बकाया ब्याज 90 दिनों के भीतर चुकाना होगा। जब तक ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट (OC) प्राप्त कर वैध कब्जा नहीं दे दिया जाता, बिल्डर आवंटी को ₹31,962 प्रति माह का ब्याज देगा। ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट मिलने के 30 दिनों के भीतर बिल्डर वैध कब्जा ऑफर करेगा और HRERA की धारा 17 के तहत कन्वेंस डीड (रजिस्ट्री) निष्पादित करेगा। अतिरिक्त विकास शुल्क (EDC) अलॉटमेंट लेटर के अनुसार ही 1.45 लाख रुपए रहेगा, जिसे अथॉरिटी ने वैध माना।

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