July 20, 2026

राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना, एसएलएससी की बैठक में 10 उद्योगों को अनुदान स्वीकृत – Sanjeevni Today

जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार अहम कदम उठा रही है। इसी दिशा में शुरू की गई राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। योजना के तहत राज्य में नए उद्योगों की स्थापना को गति मिल रही है, जिससे निवेश के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

इसी क्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति (SLSC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के 10 उद्योगों को विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन और अनुदान देने की स्वीकृति प्रदान की गई। इन उद्योगों द्वारा राज्य में 1,117 करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश किया गया है, जिससे 2,300 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

बैठक में जिन उद्योगों को मंजूरी दी गई है, उन्हें एसेट क्रिएशन इंसेंटिव, थ्रस्ट बूस्टर, ब्याज अनुदान, विद्युत शुल्क में छूट और ग्रीन इंसेंटिव जैसी कई महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इन प्रोत्साहनों का उद्देश्य राज्य में नए निवेशकों को आकर्षित करना, औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को आसान बनाना और उद्यमियों को बेहतर कारोबारी माहौल उपलब्ध कराना है।

उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त नीलाभ सक्सेना ने बताया कि राज्य सरकार की यह योजना उद्योगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। एसएलएससी की बैठक में स्वीकृत सभी परिलाभ संबंधित उद्योगों को चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा 25 करोड़ रुपये या उससे अधिक निवेश करने वाले उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जाता है।

उन्होंने बताया कि यह योजना केवल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि सर्विस सेक्टर, ग्रीन इन्वेस्टमेंट, एक्सपोर्ट प्रमोशन, ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन देती है। इससे राज्य में आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।

राज्य सरकार का मानना है कि निवेश को प्रोत्साहित करने वाली ऐसी योजनाएं राजस्थान को देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों की श्रेणी में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार उद्योगों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं, पारदर्शी नीतियां और निवेश के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 1,117 करोड़ रुपये के नए निवेश और 2,300 से अधिक रोजगार का सृजन राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। साथ ही, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि होगी और राजस्थान की आर्थिक प्रगति को नई गति मिलेगी।