July 14, 2026

करनाल में स्कूल के सहपाठियों ने 10वीं के छात्र को पीटकर मार डाला : मंदिर से प्रसाद लाते समय हमला, माता-पिता का इकलौता बेटा था - Haribhoomi

हनुमान मंदिर से घर लौटते समय बाइक सवार नकाबपोश छात्रों ने घेरा। सिर पर लाठी से मारा। जमीन पर गिरने के बाद भी आरोपी उसे बेहोश होने तक मारते रहे।

Student Murder

करनाल में छात्र की हत्या की जानकारी देते परिजन व अस्पताल लेकर पहुंची एम्बुलेंस।

  • Published: 14 Jul 2026, 05:47 PM IST
  • Last Updated: 14 Jul 2026, 05:47 PM IST

हरियाणा के करनाल जिले के धोलगढ़ गांव में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र की उसी के स्कूल के साथियों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक किशोर अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था, जो मंगलवार को मंदिर से प्रसाद लेकर घर लौट रहा था। पुलिस की सीआईए (CIA) टीमों ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। 

घात लगाकर बैठे हमलावरों ने घेरा 
जानकारी के अनुसार 16 वर्षीय मृतक प्रतीक मंगलवार सुबह स्कूल गया था। दोपहर को जब वह स्कूल से घर लौटा तो उसके बाद वह पास के गांव ऊचाना में स्थित हनुमान मंदिर में मंगलवार का प्रसाद लेने चला गया था। जब वह प्रसाद लेकर वापस अपने गांव लौट रहा था, तभी रास्ते में खेतों के पास पहले से घात लगाकर बैठे चार-पांच युवकों ने उसे घेर लिया। 

चलती बाइक से सिर पर मारा डंडा
एक चश्मदीद के मुताबिक प्रतीक जब रास्ते से गुजर रहा था तभी बाइक पर सवार तीन नकाबपोश युवक पीछे से आए। उन्होंने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। बाइक पर सबसे पीछे बैठे हमलावर ने चलती बाइक से ही प्रतीक के सिर पर लाठी से जोरदार हमला किया। चोट लगते ही प्रतीक जमीन पर गिर पड़ा और हमलावरों के सामने गिड़गिड़ाते हुए पूछा कि मैंने तुम लोगों का क्या बिगाड़ा है? 
इसके बावजूद हमलावरों का दिल नहीं पसीजा और वे बेहोश होने के बाद भी प्रतीक के सिर पर ताबड़तोड़ वार करते रहे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे अधमरी हालत में छोड़कर बाइक से ऊचाना गांव की तरफ भाग निकले।

अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें 
दुकान पर बैठे प्रतीक के दादा दल्ले को जब एक राहगीर ने इस खूनी हमले की सूचना दी, तो वे तुरंत घटनास्थल की ओर भागे। परिजनों के पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग चुके थे और प्रतीक बेहोशी की हालत में खून से लथपथ सड़क पर पड़ा था। परिजन उसे तुरंत निजी पार्क अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। 
परिजनों ने बताया कि प्रतीक के पिता विजय एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। प्रतीक दो बड़ी बहनों का अकेला भाई था। दादा ने बताया कि कुछ दिन पहले स्कूल में ही प्रतीक का कुछ सहपाठियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसे इस हत्या की मुख्य वजह माना जा रहा है।

पुलिस और एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। वारदात की असली वजह और पुरानी रंजिश के पुख्ता कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही हो सकेगा।