रतलाम में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा आयोजित ग्रुप-D (लेवल-1) की शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। रतलाम के रेलवे ग्राउंड पर चल रही परीक्षा के दौरान बिहार से आए एक फर्जी अभ्यर्थी को बायोमेट्रिक (रेटिना मैचिंग)
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कोर्ट से जेल जाते समय परीक्षार्थी निरंजन (चेहरे पर हाथ रखे हुए) व फर्जी अभ्यर्थी अजीत मीडिया के कैमरे से चेहरा छिपाते रहे।
10 हजार एडवांस लेकर लगाई थी दौड़, लेकिन हो गया फेल
जीआरपी (GRP) थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के अनुसार, बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाला अजीत कुमार (26) 2 सितंबर को परीक्षार्थी निरंजन कुमार के स्थान पर दौड़ लगाने आया था। इसके लिए निरंजन ने उसे 30 हजार रुपये में तय सौदे के तहत 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे। हालांकि, अजीत पहली दौड़ में फेल हो गया था।

इसी रेलवे खेल मैदान में हो रही शारीरिक दक्षता परीक्षा।
इंदौर से फ्लाइट लेकर दिल्ली गया, फिर रतलाम लौटा
पहली परीक्षा में फेल होने के बाद अजीत रतलाम से टैक्सी लेकर इंदौर गया। वहां से फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दिल्ली में वह किसी व्यक्ति से मिला और इसके बाद वापस रतलाम लौट आया।
6 सितंबर को वह एक बार फिर फर्जी अभ्यर्थी बनकर PET देने पहुंचा। इस बार वह बिहार के अभ्यर्थी कुंदन कुमार की जगह टेस्ट देने आया था। इसी दौरान रेटिना मैचिंग में उसकी पहचान हो गई और वह पकड़ा गया।
रेटिना मैचिंग टेस्ट ने खोला राज
6 सितंबर की सुबह जब अजीत दोबारा टेस्ट देने पहुंचा, तो बायोमेट्रिक जांच के दौरान रेटिना मैचिंग टेस्ट में खुलासा हुआ कि यह व्यक्ति पहले भी (2 सितंबर को) परीक्षा दे चुका है। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए उसे पकड़ा और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया।
कुंदन रतलाम आया ही नहीं, अब उसकी तलाश
पुलिस के मुताबिक 6 सितंबर को जिस अभ्यर्थी कुंदन कुमार की जगह अजीत टेस्ट देने पहुंचा था, वह खुद रतलाम आया ही नहीं था। अब जीआरपी और रेलवे यह पता लगाने में जुटे हैं कि कुंदन और अजीत के बीच संपर्क कैसे हुआ और इस पूरे मामले में और कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस कुंदन की तलाश भी कर रही है। जरूरत पड़ने पर जांच टीम बिहार जाकर भी जानकारी जुटा सकती है।
धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों का केस
रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे मुंबई के कार्यालय अधीक्षक राजेश्वर तिवारी की शिकायत पर जीआरपी ने मामला दर्ज किया था। अजीत और निरंजन के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को इस फर्जीवाड़े के पीछे और लोगों के जुड़े होने की आशंका है। अजीत के रतलाम से इंदौर जाने, वहां से फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंचने और फिर वापस लौटने की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
रेलवे ग्राउंड में प्रवेश पर रोक
आरआरबी की PET को देखते हुए रेलवे खेल मैदान में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। परीक्षा स्थल पर अभ्यर्थियों की पहचान और बायोमेट्रिक/तकनीकी जांच की जा रही है। इसी प्रक्रिया के दौरान अजीत की फर्जी पहचान पकड़ी गई।

आरआरबी द्वारा आयोजित की जा रही शारीरिक दक्षता परीक्षा को देखते हुए किसी भी खेल मैदान के अंदर जाने पर रोक है।
जीआरपी कर रही प्रारंभिक जांच
जीआरपी अधिकारियों के मुताबिक मामला रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़ा होने के कारण जांच की प्रक्रिया निर्धारित अधिकारियों की निगरानी में आगे बढ़ाई जाएगी। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ भी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच कर सकता है।
रतलाम रेल मंडल के अधिकारियों ने मामले में जानकारी देने से इनकार करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया आरआरबी द्वारा कराई जा रही है। रतलाम में रेलवे की ओर से परीक्षा के लिए मैदान और स्टाफ उपलब्ध कराया गया है।