July 28, 2026

रेगिस्तान में पहुंचे 10-फीट के मगरमच्छ का नहर से रेस्क्यू: जान जाने का अंदेशा था, सूखे में बैठा मिला; 1 घंटे में पकड़ में आया - Jaisalmer News

जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर की आरएनडी (RND) माइनर में पिछले एक महीने से भटक रहे करीब 10 फीट लंबे घड़ियाल को वन विभाग ने सुरक्षित पकड़ लिया। सोमवार रात करीब 9 बजे शुरू हुए रेस्क्यू अभियान में घड़ियाल को पकड़ने में टीम को काफी मशक्क

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वन विभाग के अनुसार, माइनर में पानी कम था और घड़ियाल को खाने के लिए मछलियां भी नहीं मिल रही थीं। ऐसे में अगर समय रहते उसे बाहर नहीं निकाला जाता तो भूख और पानी की कमी से उसकी जान जा सकती थी।

फोटोज में देखें…

एक महीने पहले लोगों को अवाय गांव के पास इंदिरा गांधी नहर में घड़ियाल नजर आया था।

एक महीने पहले लोगों को अवाय गांव के पास इंदिरा गांधी नहर में घड़ियाल नजर आया था।

नहर की आरएनडी माइनर में एक महीने से भटक रहे करीब 10 फीट लंबे घड़ियाल को वन विभाग ने सुरक्षित पकड़ लिया।

नहर की आरएनडी माइनर में एक महीने से भटक रहे करीब 10 फीट लंबे घड़ियाल को वन विभाग ने सुरक्षित पकड़ लिया।

घड़ियाल को बांधकर रस्सी से बाहर निकाला गया।

घड़ियाल को बांधकर रस्सी से बाहर निकाला गया।

घड़ियाल को रेस्क्यू कर बड़ी नदी में छोड़ा गया।

घड़ियाल को रेस्क्यू कर बड़ी नदी में छोड़ा गया।

खेतों में काम कर रहे किसानों को दिखा घड़ियाल

देवेंद्र सिंह, DFO, वन विभाग के अनुसार रविवार देर शाम मोहनगढ़ क्षेत्र की आरएनडी माइनर के पास खेतों में काम कर रहे किसानों को अचानक करीब 10 फीट लंबा घड़ियाल दिखाई दिया। इतना बड़ा घड़ियाल देखकर किसानों और ग्रामीणों में डर फैल गया।

ग्रामीणों ने घड़ियाल के पास जाने या उसे खुद पकड़ने की कोशिश नहीं की। उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी।

1 घंटे की कोशिश के बाद पकड़ा

सूचना मिलने पर मोहनगढ़ के क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) हनुमान राम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घड़ियाल की लंबाई और वजन ज्यादा होने के कारण उसे पकड़ना आसान नहीं था।

वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से करीब 1 घंटे तक कोशिश की। इसके बाद रस्सी और जाल की मदद से घड़ियाल को बिना चोट पहुंचाए सुरक्षित पकड़ लिया गया।

वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घड़ियाल को सुरक्षित काबू में कर लिया।

वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से घड़ियाल को सुरक्षित काबू में कर लिया।

महीनेभर से नहर में भटक रहा था

देवेंद्र सिंह के अनुसार यह घड़ियाल पिछले करीब एक महीने से इंदिरा गांधी नहर में भटक रहा था। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण पहले उसका रेस्क्यू नहीं किया जा सका था। बाद में घड़ियाल आरएनडी माइनर में पहुंच गया। यहां पानी कम था और खाने के लिए मछलियां भी नहीं थीं। ऐसे में उसके भूख और पानी की कमी से कमजोर होने और जान जाने का खतरा था।

रेगिस्तान में घड़ियाल मिलने का पहला मामला

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रेगिस्तानी इलाके में घड़ियाल मिलने का यह पहला मामला है। उनका अनुमान है कि घड़ियाल पंजाब के हरीके बैराज से पानी के बहाव के साथ बहकर इंदिरा गांधी नहर तक पहुंचा होगा।

अधिकारियों के अनुसार इंदिरा गांधी नहर के रास्ते पंजाब या चंबल क्षेत्र की तरफ से पानी के साथ ऐसे जीव कभी-कभी बहकर आ जाते हैं।

बड़ी नदी या अभयारण्य में छोड़ा जाएगा

रेस्क्यू के बाद घड़ियाल को मोहनगढ़ में वन विभाग की निगरानी में सुरक्षित रखा गया है। वन विभाग के अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद उसे ऐसी जगह छोड़ा जाएगा, जहां उसके रहने और खाने के लिए सही माहौल हो। इसके लिए किसी बड़ी नदी या घड़ियाल अभयारण्य में छोड़ने की तैयारी है।

रेस्क्यू अभियान में रेंजर हनुमान राम के साथ सहायक वनपाल रावतराम, वनरक्षक मेहराराम, राकेश और पृथ्वीराज शामिल रहे। ग्रामीणों ने भी घड़ियाल को पकड़ने में वन विभाग की टीम का साथ दिया।

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