August 26, 2026

अमेरिका में 1 करोड़ की कमाई भी पड़ी फीकी! NRI बोला- 'भारत में 25 लाख के पैकेज पर होती थी ज्यादा बचत'

अमेरिका में 1 करोड़ की कमाई भी पड़ी फीकी! NRI बोला- 'भारत में 25 लाख के पैकेज पर होती थी ज्यादा बचत'

अमेरिका में रहने वाले NRI का चौंकाने वाला खुलासाImage Credit source: Instagram/@desidadinamerica

अमेरिका में 15 साल से रह रहे भारतीय मूल के नितिन मल्होत्रा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है. नितिन का दावा है कि अमेरिका में सालाना करीब 1 करोड़ रुपए कमाने के बावजूद, वे भारत में 25 लाख रुपए के सालाना पैकेज पर इससे कहीं ज्यादा बचत कर लेते थे. नितिन के मुताबिक, अमेरिका में हाई लिविंग कॉस्ट, टैक्स और अन्य भारी-भरकम खर्चों के कारण हाथ में बहुत कम पैसा बचता है.

अमेरिका में नितिन के मंथली बजट का ब्योरा

नितिन को हर महीने 8,000 डॉलर (यानी लगभग 7.63 लाख रुपए) मिलते हैं, लेकिन खर्चों की लिस्ट इतनी लंबी है कि महीने के अंत में बचत नाममात्र की रह जाती है. 2,500 डॉलर होम लोन की EMI में और 1,500 डॉलर (लगभग 1.43 लाख रुपए) टैक्स में निकल जाते हैं. मतलब, 8,000 में से 4,000 डॉलर सीधे साफ. साथ ही हेल्थ इंश्योरेंस में 500 डॉलर यानी करीब 48 हजार रुपए और दो गाड़ियों के इंश्योरेंस में भी 500 डॉलर खर्च हो जाते हैं.

खान-पान और अन्य खर्च

परिवार के राशन और खाने पर 1,000 से 1,200 डॉलर का खर्च. मेडिकल, दवाइयों और यूटिलिटीज बिल पर 500 से 800 डॉलर. सभी खर्च निकालने के बाद नितिन के पास महीने में सिर्फ 1,000 से 1,200 डॉलर (लगभग 85,000 से 1 लाख रुपए) ही बच पाते हैं.

भारत vs अमेरिका; बचत की तुलना

भारत में नितिन की सैलरी सालाना 25 लाख रुपए थी. उस समय 30,000 रुपए का किराया और लो लिविंग कॉस्ट के चलते वे आसानी से हर महीने 1 लाख से 1.25 लाख रुपए की बचत कर लेते थे. नितिन ने यह भी साफ किया कि अगर उनकी पत्नी नौकरी करतीं, तो अमेरिका में डेकेयर का खर्च उनकी बची-कुची बचत को भी खत्म कर देता. यह भी पढ़ें:25 दिन में 1 लाख रुपए साफ! भारतीय शख्स ने सुनाया जापान की महंगाई का दर्द, बोला- अभी खाने का खर्च जोड़ा ही नहीं

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस वीडियो के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कुछ यूजर्स का मानना है कि अमेरिका में जीवन स्तर, अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और साफ वातावरण मिलता है, लेकिन नौकरी की अनिश्चितता और महंगाई बड़ी चुनौती है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह सेब की तुलना संतरे से करने जैसा है, क्योंकि दोनों देशों की लाइफस्टाइल और कमाई-खर्च में बहुत बड़ा फर्क है. यह भी पढ़ें:भारत की मेहमाननवाजी पर फिदा हुआ अमेरिकी इन्फ्लुएंसर, देसी अंदाज में की तारीफ; लोग बोले- क्या गजब की हिंदी बोलता है

यहां देखिए वायरल वीडियो

अभिषेक राय

अभिषेक राय

अभिषेक राय (Abhishek Roy) अभी TV9 भारतवर्ष के डिजिटल विंग में असिस्टेंट न्यूज एडिटर (Assistant News Editor) हैं. पत्रकारिता में उन्हें 14 साल से ज्यादा का अनुभव है और इस फील्ड में उनकी अपनी एक अलग पहचान है. अपने करियर में उन्होंने कई बड़े मीडिया संस्थानों में काम किया है. शुरुआत में वे भोपाल के 'पीपुल्स समाचार' अखबार (Peoples Samachar) से जुड़े. यहां उन्होंने प्रिंट मीडिया का काम सीखा. इसके बाद वे दैनिक भास्कर (Dainik Bhaskar) ग्रुप में लंबे समय तक रहे. खास बात ये कि उन्होंने भास्कर के अखबार और वेबसाइट, दोनों जगह काम किया. इससे उन्हें पुरानी और नई, दोनों तरह की पत्रकारिता का अनुभव मिला. अभिषेक ने अहमदाबाद के 'जानो दुनिया' (Jano Duniya) न्यूज चैनल में भी काम किया. यहां उन्होंने टीवी मीडिया में अपनी काबिलियत दिखाई. अभिषेक को राजनीति और विदेशी मामलों की अच्छी समझ है. वे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक कूटनीति को बहुत ही बारीकी से समझते हैं. हालांकि, वर्तमान में डिजिटल मीडिया की बदलती मांग को देखते हुए वे अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं. इन दिनों वे ट्रेंडिंग खबरों, वायरल टॉपिक्स और हटके कंटेंट पर काम कर रहे हैं. अभिषेक के लिए पत्रकारिता महज एक पेशा या सिर्फ पाठकों तक सूचनाएं या खबरें पहुंचाना नहीं है. उनका विजन और उद्देश्य इससे कहीं अधिक व्यापक है. वे मानते हैं कि एक पत्रकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि पाठकों को हर बार कुछ नया और अनूठा पढ़ने को मिले. कंटेंट ऐसा हो जो पाठकों की सोच के दायरे को विस्तृत करे और उन्हें एक नया नजरिया दे. अभिषेक को पत्रकारिता के साथ-साथ ट्रैवलिंग का भी शौक है. भागदौड़ भरी जिंदगी से जब भी फुर्सत मिलती है, वे पहाड़ों की तरफ निकल जाते हैं और सुकून के पल बिताते हैं.

Read More

google button