September 19, 2026

1.96 लाख बच्चों ने रंगों से उकेरा भारत का बीता सफर और विजन 2047 का सपना - Mahasamund News

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राष्ट्रव्यापी सेवा संकल्प अभियान के दूसरे दिन 18 सितंबर को महासमुंद जिले के 1806 शासकीय और निजी विद्यालयों में ‘मेरे सपनों का भारत’ सेवा चित्र प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें करीब 1 लाख 96 हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। बच्चों ने रंगों और रेखाओं के जरिए बीते 25 वर्षों में देश में हुए बदलावों और अगले 25 वर्षों के भारत की अपनी कल्पना को कागज पर उतारा।

प्रतियोगिता के पहले विषय ‘विगत 25 वर्ष’ में बच्चों ने सामाजिक, तकनीकी और ढांचागत विकास को चित्रों में दिखाया। कृतियों में स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, सीमाओं पर तैनात जवानों का शौर्य, नया कश्मीर, नक्सलवाद मुक्त भारत और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का बढ़ता प्रभाव प्रमुखता से नजर आया। बच्चों ने चित्रों के माध्यम से स्वच्छता, शिक्षा, तकनीक, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और बेहतर जीवन को विकास का आधार बताया। जिला स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। चयनित उत्कृष्ट प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में पुरस्कृत होने का अवसर मिलेगा।

सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्र निर्माण की भावना, रचनात्मक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है। अभियान के तहत विद्यार्थियों को देश में हो रहे बदलावों को समझने और भविष्य के भारत की कल्पना करने का अवसर मिल रहा है। बच्चों ने रंग और ब्रश के जरिए भारत के विकास और भविष्य के संकल्पों को अभिव्यक्त किया।

3 अक्टूबर तक होंगे अगले चरण: अभियान के तहत 17 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम होंगे। 28 सितंबर को जिले के 184 संकुलों में श्रेष्ठ चित्रों की प्रदर्शनी और भाषण प्रतियोगिता होगी। 1 अक्टूबर को संकुल विजेताओं के लिए ब्लॉक स्तरीय प्रदर्शनी व भाषण प्रतियोगिता और 3 अक्टूबर को ब्लॉक विजेताओं के लिए जिला स्तरीय प्रदर्शनी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। दूसरे विषय ‘सपना-आगामी 25 वर्ष’ में विद्यार्थियों ने विकसित भारत-2047 की अपनी परिकल्पना दिखाई। चित्रों में अंतरिक्ष और विज्ञान में नई ऊंचाइयां, हरित ऊर्जा, स्मार्ट विलेज, आधुनिक शहर, पर्यावरण संरक्षण और तकनीक से जुड़े समाज की तस्वीरें उभरीं। आत्मनिर्भर भारत, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और महिला सशक्तिकरण भी बच्चों की कल्पनाओं के प्रमुख विषय रहे। कई चित्रों में समान अवसर और मजबूत भारत का सपना दिखाई दिया।