मुंबई: कभी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और आत्मनिर्भरता का सबसे बड़ा प्रतीक रही खादी अब आधुनिक फैशन ट्रेंड्स, डिजिटल तकनीक और युवा उद्यमिता के बल पर एक सर्वथा नई पहचान गढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को देश की नई पीढ़ी (Gen-Z) तक पहुँचाने के उद्देश्य से मुंबई के विले पार्ले स्थित खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के केंद्रीय मुख्यालय में भव्य ‘खादी महोत्सव-2026’ का आयोजन किया जा रहा है।
12 राज्यों की 77 इकाइयां शामिल, विशेष छूट का मौका
केवीआईसी (KVIC) के अध्यक्ष मनोज गोयल ने इस महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया। उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे स्वदेशी उत्पादों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं और उन्हें वैश्विक बाजारों तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। आगामी 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस प्रदर्शनी व महोत्सव में देश के 12 राज्यों से आईं 77 प्रमुख इकाइयां अपने उत्कृष्ट उत्पादों के साथ भाग ले रही हैं।
यहाँ खादी के सुतली वस्त्रों से लेकर आधुनिक रेडीमेड गारमेंट्स, हर्बल उत्पाद, ऑर्गेनिक मसाले, पारंपरिक हस्तशिल्प और ग्रामोद्योग से जुड़ी अनेक वस्तुएं आम जनता के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। आम उपभोक्ताओं को आकर्षित करने के लिए KVIC द्वारा खादी वस्त्रों पर 20 प्रतिशत और ग्रामोद्योगी उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी जा रही है।
युवाओं के लिए ‘बात खादी की’ पॉडकास्ट सीरीज
इस महोत्सव का प्रमुख आकर्षण ‘बात खादी की’ नामक पॉडकास्ट सीरीज है। इसके जरिए नई पीढ़ी को खादी के गौरवशाली इतिहास, आधुनिक फैशन में इसके बढ़ते प्रयोग और युवाओं के लिए इसमें छिपी उद्यमिता (Entrepreneurship) की संभावनाओं से रूबरू कराया जा रहा है। केवीआईसी अध्यक्ष मनोज गोयल ने बताया कि युवा वर्ग अपनी इनोवेटिव डिजाइनिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर खादी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में क्रांति ला सकता है।
1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार
उल्लेखनीय है कि खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड कारोबार हासिल किया है। आयोग का अब मुख्य लक्ष्य यह है कि परंपरा और आधुनिकता के अनूठे संगम के जरिए भारतीय स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक मंच (Global Stage) पर नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए।