July 30, 2026

Dhar Bhojshala Case: भोजशाला के पास मुस्लिम पढ़ सकेंगे जुमे की नमाज, सुप्रीम कोर्ट से मिली अनुमति, अब 1.3KM दूर नहीं जाना होगा

Dhar Bhojshala Case: मध्यप्रदेश के धार जिले की भोजशाला के पास एक जमीन पर मुस्लिम समुदाय जुमे की नमाज पढ़ सकेगा।

मुस्लिम पक्ष की जुमे की नमाज की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को अपने ​पुराने आदेश को स्पष्ट किया है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बैंच ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मुस्लिम समुदाय को खसरा नंबर 596 की जमीन पर प्रत्येक शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे तक नमाज अदा करने की इजाजत दी जाए। 

यह जमीन भोजशाला के पीछे दाहिनी ओर निकलने वाले वैकल्पिक निकास मार्ग के ठीक सामने है। इस जमीन तक पहुंचने का रास्ता अलग है। कोर्ट ने यहां जरूरी व्यवस्थाएं करने के आदेश दिए हैं।

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मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कोर्ट से सिर्फ अपने पहले के अंतरिम आदेश को स्पष्ट किया है। कोई नया आदेश नहीं दिया है। कोर्ट ने भोजशाला के पास वैकल्पिक जगह को तय कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को होगी।

लोगों के धार्मिक अधिकार रोके नहीं जा सकते

इस मामले में जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। सिर्फ कानून और व्यवस्था की आशंका पर लोगों के धार्मिक अधिकार नहीं रोके जा सकते। यह राज्य का संवैधानिक दायित्व है। धार्मिक अधिकार माजूद हैं।

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भोजशाला से सटी हुई है प्रस्तावित नमाज वाली जमीन

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि यह जगह भोजशाला परिसर से सटी हुई है। यह नमाज के लिए पूरी तरह से उपयुक्त नजर आती है। जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने जिस जमीन पर नमाज की अनुमति दी है, वह किसी दरगाह की जमीन बताई जा रही है। ऐसे में अब मुस्लिम समुदाय को 1.3 किलोमीटर दूर नहीं जाना होगा।

वैकल्पिक जमीन के प्रस्ताव के आड़े नहीं आएगा आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि यदि हिंदू और मुस्लिम पक्ष मिलकर आपसी सहमति से नमाजियों के लिए किसी दूसरी वैकल्पिक जमीन का प्रस्ताव रखते हैं तो यह आदेश उनके आड़े नहीं आएगा। हालांकि, राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही प्रस्तावित जमीन उपलब्ध हो पाएगी।

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