1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में राशि ट्रांसफर:सीएम बोले-हम गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर लड्डू लेने को भी तरस जाते थे, 10 बच्चों को दिए लैपटॉप
भोपाल3 मिनट पहले
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लैपटॉप वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए मेधावी विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब वे गणतंत्र और स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरस जाते थे। आज परिस्थितियां बदल गई हैं। उन्होंने बच्चों से कहा- "आज लर्न करोगे तो कल अर्न करोगे।"
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों पर भी संवाद किया। किसी ने राजनेता बनने की इच्छा जताई तो किसी ने एंटरप्रेन्योर बनने का सपना बताया। कार्यक्रम में 10 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए, जबकि 1.21 लाख विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए।

विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित करते हुए मुख्यमंत्री।
97.2% वाले धीरेंद्र- UPSC के बाद राजनीति में आऊंगा
12वीं में 97.2% अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह मुंडेला ने कहा कि वह आगे चलकर राजनेता बनना चाहते हैं। फिलहाल यूपीएससी की तैयारी उनका लक्ष्य है और 21 वर्ष की उम्र में परीक्षा देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि राजनीति में आकर देश के विकास में योगदान देना चाहते हैं।
धीरेंद्र ने बताया कि घूमने के दौरान उन्होंने लोगों की कई तरह की परेशानियां और मजबूरियां देखीं। उनका मानना है कि राजनीति के जरिए लोगों की समस्याओं को दूर करने में प्रभावी भूमिका निभाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर युवा IIT, इंजीनियरिंग, साइंस या लॉ जैसे क्षेत्रों में जाना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने राजनीति को अपना लक्ष्य बनाया।
95% वाली हिमांशी- नौकरी नहीं, नौकरी देने वाली बनूंगी
95% अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने कहा कि वह एंटरप्रेन्योर बनना चाहती हैं। शुरुआत में एयर होस्टेस के रूप में काम करने के बाद खुद का बिजनेस शुरू करने का सपना है। वह फाउंडर या को-फाउंडर बनना चाहती हैं।
हिमांशी ने कहा कि AI और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में अपना व्यवसाय खड़ा करना बेहतर विकल्प है। उनका लक्ष्य नौकरी पाने के बजाय नौकरी देने वाली बनना है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुद पर पूरा भरोसा है और वह खुद पर शक नहीं करतीं।

CM बोले- राजनीति में योग्य युवाओं की जरूरत
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से खेती-किसानी को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर, इंजीनियर और वकील जैसे पेशे जरूरी हैं, लेकिन खेती भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। किसान अन्न पैदा नहीं करेगा तो समाज का काम नहीं चलेगा।
उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे और योग्य युवाओं का राजनीति में आना जरूरी है। इससे अच्छे जनप्रतिनिधि और बेहतर नेतृत्व तैयार होगा।
1.21 लाख विद्यार्थियों को मिला लैपटॉप का लाभ
परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारी स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों का भरोसा बढ़ रहा है। पिछले तीन वर्षों में सरकारी स्कूलों में दाखिला बढ़ा है और ड्रॉपआउट दर में लगातार कमी आई है।
उन्होंने बताया कि 2025-26 में करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों ने 12वीं में 75% से अधिक अंक हासिल किए हैं। पिछले वर्ष यह संख्या करीब 92 हजार थी। इस वर्ष विद्यार्थियों के खातों में लैपटॉप के लिए कुल 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की जाएगी।

योजना शुरू होने से अब तक 6 लाख विद्यार्थियों को लाभ
मंत्री ने बताया कि लैपटॉप योजना शुरू होने के बाद अब तक करीब 6 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिल चुका है। सरकार इस योजना पर करीब 1620 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है। लैपटॉप से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल पाठ्य सामग्री, ई-लर्निंग और ई-लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना 2009-10 में शुरू हुई थी। शुरुआत में पात्रता के लिए 85% अंक जरूरी थे, जिसे बाद में घटाकर 75% कर दिया गया।
18 हजार शिक्षकों की भर्ती की तैयारी
शिक्षकों की कमी को लेकर राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि अतिथि शिक्षकों के माध्यम से भी सेवाएं ली जा रही हैं। नियमानुसार आरक्षण और बैकलॉग सहित अन्य प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए करीब 18 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए रिक्त पदों को भरना सरकार की प्राथमिकता है।
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