Published: Thursday, October 1, 2026, 7:37 [IST]
भारत में कारों के माइलेज का पूरा गणित अब बदलने जा रहा है, हालांकि इसमें एक पेंच भी है। पहले AC-ऑन माइलेज टेस्टिंग के लिए 1 अक्टूबर 2026 का ड्राफ्ट तय हुआ था, लेकिन अब यह नया नियम 1 अप्रैल 2027 से अनिवार्य होगा। उम्मीद है कि टेस्टिंग लैब और कार निर्माता कंपनियां अब नए अप्रूवल्स पर AC-ऑन और AC-ऑफ, दोनों माइलेज के आंकड़े बताने लगेंगी। इससे दावों और शहर की असली सड़कों के बीच का अंतर खत्म होगा, जिसका सबसे बड़ा असर 10 लाख रुपये से कम कीमत वाली कारों की लिस्ट पर दिखेगा।
AIS‑213 मानक के तहत लैब टेस्टिंग के दौरान तय केबिन टेम्परेचर और आर्टिफिशियल धूप में AC चलाया जाएगा। तुलना को आसान और सटीक बनाए रखने के लिए ड्राइविंग चक्र MIDC ही रहेगा। ARAI के क्लाइमैटिक चैम्बर्स चेसिस डायनेमोमीटर पर सोलर सिमुलेशन के साथ इस टेस्ट के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अच्छी बात यह है कि इस स्टैंडर्ड में पेट्रोल-डीजल की फ्यूल खपत के साथ-साथ EV की AC वाली रेंज भी शामिल है।
AC‑ऑन माइलेज टेस्ट: कितना गिरेगा माइलेज और क्यों है यह अहम?
शहर के बंपर-टू-बंपर ट्रैफिक में AC कंप्रेसर इंजन पर लगातार दबाव डालता है, जिससे पेट्रोल और डीजल कारों की माइलेज घट जाती है। माना जा रहा है कि जब कारों के स्टिकर पर AC-ऑन माइलेज दर्ज होगा, तो कंपनी के दावे करीब 1 से 2 किमी प्रति लीटर (kmpl) कम हो सकते हैं। आमतौर पर असली दुनिया में माइलेज 5 से 10 फीसदी तक गिर जाता है, हालांकि डीजल कारों पर इसका असर थोड़ा कम पड़ता है। इस बड़े बदलाव से ब्रोशर के लुभावने वादों और सड़क की कड़वी सच्चाई के बीच का अंतर काफी हद तक खत्म हो जाएगा।
10 लाख के बजट में सबसे ज्यादा माइलेज देने वाले विकल्प: CNG और हाइब्रिड
10 लाख रुपये से कम बजट वाले ग्राहकों के लिए फैक्ट्री-फिटेड CNG हैचबैक कारें प्रति किलोमीटर खर्च (₹/km) के मामले में आज भी शहर की सबसे किफायती गाड़ियां हैं। स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड (Strong-hybrid) कारों का दबदबा तो शहर में बरकरार है, लेकिन इनमें से ज्यादातर कारें फिलहाल 10 लाख के पार आती हैं। वहीं, रेंगते हुए ट्रैफिक में माइल्ड-हाइब्रिड (Mild-hybrid) कारों से ज्यादा फायदा नहीं मिलता। इस हफ्ते से कारों की वेबसाइट्स, डोर-फ्रेम लेबल्स और ब्रोशर पर AC-ऑन और AC-ऑफ दोनों माइलेज के आंकड़ों पर जरूर नजर रखें।
आज के फ्यूल रेट के हिसाब से समझें प्रति किलोमीटर (₹/km) का गणित
आज की ताजा दरों की बात करें तो दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 प्रति लीटर और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, अगस्त में हुए संशोधन के बाद दिल्ली में CNG की कीमत ₹86.98 प्रति किलोग्राम है। मुंबई की बात करें तो यहां पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर है। नीचे दी गई टेबल में ट्रैफिक में AC ऑन रखने पर मिलने वाले माइलेज के हिसाब से प्रति किलोमीटर आने वाली अनुमानित लागत समझाई गई है:
| ईंधन | दिल्ली में कीमत | अनुमानित AC‑ऑन माइलेज | अनुमानित खर्च (₹/किमी) |
|---|---|---|---|
| पेट्रोल | ₹102.12/लीटर | 15 किमी/लीटर | ₹6.81 |
| डीजल | ₹95.20/लीटर | 18 किमी/लीटर | ₹5.29 |
| CNG | ₹86.98/किग्रा | 20 किमी/किग्रा | ₹4.35 |
क्या आप इस हफ्ते नई कार खरीदने जा रहे हैं? डिलीवरी लेने से पहले यह जरूर जांच लें कि कार के स्टिकर पर AIS‑213 और "fuel consumption with AC" (AC के साथ ईंधन खपत) दर्ज है या नहीं। अपने बिल (इनवॉइस) पर लिखे वेरिएंट कोड के साथ इन आंकड़ों का मिलान करें। डीलर से टाइप-अप्रूवल शीट (type-approval sheet) मांगें और नए नियमों वाले बदलाव के बाद ही कार की डिलीवरी लें। इसके बाद, अपनी कार में AC ऑन रखकर 'टैंक-टू-टैंक' माइलेज टेस्ट करें ताकि आपको अपनी कार का असली खर्च पता चल सके।